लातेहर। झारखंड में एक अप्रैल से लागू बिजली दर वृद्धि को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष बंशी यादव के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कार्यपालक एवं अधीक्षण अभियंता, लातेहार के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में बिजली दर में की गई वृद्धि को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों से आम जनता, गरीब, किसान, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादे—3200 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीद, 450 रुपये में गैस सिलेंडर, युवाओं को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता—सभी अधूरे रह गए हैं। उनके अनुसार, 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा कर जनता को भ्रमित किया गया, जबकि दूसरी ओर बिजली दर बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया।
राजधानी प्रसाद यादव ने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति, जले ट्रांसफार्मर का समय पर नहीं बदला जाना और स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान करना सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह उपभोक्ताओं को एकमुश्त सालभर का बिजली बिल थमाया जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों पर लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया होने के बावजूद उनकी बिजली नहीं काटी जाती, जबकि गरीब उपभोक्ताओं का मामूली बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है और केस तक दर्ज कर दिया जाता है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली दर वृद्धि वापस नहीं ली गई और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही जले ट्रांसफार्मर को अविलंब बदलने, बार-बार बिजली कटौती रोकने और स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही कथित गड़बड़ियों पर रोक लगाने की मांग की गई। इस मौके पर रेणु देवी, उषा देवी, ईश्वरी सिंह, छोटू राजा, आशा देवी, विष्णु प्रसाद, रघुवीर यादव, अपर्णा सिंह, नीलम देवी, मंजीत कुमार, कन्हाई पासवान, भवन पासवान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।