बरवाडीह (लातेहार)। बरवाडीह थाना क्षेत्र के लुहूर गांव में सागवान पेड़ की टहनी की छटाई को लेकर दो चचेरे भाइयों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. घटना में नरेश भुइंया और राजेंद्र भुइंया घायल हो गए, जिनमें नरेश भुइंया की हालत गंभीर बताई जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुहूर गांव निवासी नरेश भुइंया के घर परिसर में लगा सागवान का पेड़ विवाद का कारण बना. घायल नरेश भुइंया के पुत्र ने बताया कि उक्त पेड़ उनके पिता द्वारा लगाया गया था. रविवार को उनके चाचा राजबली भुइंया के पुत्र राजेंद्र भुइंया पेड़ की टहनियों की छटाई कर रहे थे. इसी दौरान नरेश भुइंया ने इसका विरोध करते हुए पूछा कि उनके द्वारा लगाए गए पेड़ की टहनियां क्यों काटी जा रही हैं. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते उग्र विवाद में बदल गई. आरोप है कि विवाद के दौरान राजबली भुइंया ने टांगी से नरेश भुइंया पर हमला कर दिया. हमले में नरेश भुइंया के गर्दन से लेकर सीने तक गंभीर चोटें आईं. वहीं बीच-बचाव करने पहुंचे राजेंद्र भुइंया भी टांगी की चपेट में आ गए, जिससे उनके बाएं हाथ में चोट लग गई. घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों घायलों को बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहां चिकित्सक डॉ. अमित कुमार सिंह एवं ड्रेसर बबलू सिन्हा ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच अस्पताल रेफर कर दिया. वहीं डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि नरेश भुइंया को गर्दन से सीने तक गंभीर चोट लगी है, जिसके कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. उन्होंने कहा कि घायल को बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है. इधर घटना की सूचना मिलते ही बरवाडीह थाना प्रभारी अनुराग कुमार के निर्देश पर एसआई संजय चौधरी पुलिस बल के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मामले की जानकारी ली. एसआई संजय चौधरी ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. इधर ग्रामीण क्षेत्र में हुई इस घटना से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.