लातेहार। वर्ष 2018 से 2025 तक सड़क दुर्घटना में कुल 734 लोगों ने जान गवाया है. लातेहार जजशिप में कुल चार मोटर वाहन ट्रिब्यूनल कार्यरत है, लेकिन इन ट्रिब्युनलों में पिछले तीन-चार वर्षो से दुर्घटना दावा वादों की फाइलिंग की संख्या अपेक्षाकृत लगभग शून्य हो गई है. उपरोक्त बातें लातेहार व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार ने कहा है. श्री कुमार ने कहा है कि वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक लातेहार जिले में कुल 948 सड़क दुर्घटना की घटनाएं घटी है, जिसमें कुल 734 लोगों की जान गई है_ 703 लोग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर अपनी कार्य क्षमता खो चुके हैं. गौरतलब है कि इतनी दुर्घटना की संख्या होते हुए भी यहां कार्यरत ट्रिब्युनलों में मुकदमों की फाइलिंग नहीं होना चिंता का विषय है. श्री कुमार का कहना है कि विभिन्न बीमा कंपनियों का रिटेनर अधिवक्ता यहां कार्यरत नहीं होने के कारण दुर्घटना दावा वादों की निष्पादन में काफी विलंब हो रही है, जिसके वजह से लोग यहां दावा पेश नहीं कर रहे हैं. हालांकि दूसरा मामला यह भी प्रकाश में आया है कि जिले की किसी भी क्षेत्र में दुर्घटना होते ही कतिपय दलाल सक्रिय हो जा रहे हैं और वे दुर्घटना में जान गवाने वाले या गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्तियों के घरों तक जाकर उन्हें प्रलोभन देकर अपनी माया जाल में फंसा लेते हैं. इन दलालों का नेटवर्क रांची स्थित ट्रिब्यूनल में फाइलिंग करवाते हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2018 में कुल 133 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें कुल 82 लोगों की जान गई और 134 लोग घायल हुए. इसी प्रकार वर्ष 2019 में कुल 103 सड़क दुर्घटनाए जिसमें कुल 59 मौत 78 घायल, वर्ष 2020 में कुल 91 दुर्घटनाए 70 मौत 51 घायल, वर्ष 2021 में कुल 112 दुर्घटनाए ,92 मौत 65 घायल, वर्ष 2022 में कुल 127 दुर्घटनाए 106 मौत 41 घायल, वर्ष 2023 में कुल 119 दुर्घटनाए 118 मौत 133 घायल, वर्ष 2024 में 121 दुर्घटनाए ,97 मौत 81 घायल और वर्ष 2025 में कुल 142 दुर्घटनाए 110 मौत, 120 घायल हुए हैं. वर्ष 2026 शुरू होते ही अभी तक 17 दुर्घटना का वाद विभिन्न थानों में दायर हो चुका है, जिसमें 28 लोगों की जान गई है और 39 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, लेकिन लातेहार ट्रिब्यूनल में एक भी दावा मुकदमा दायर नहीं हुआ है. उपरोक्त सभी दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के घरों में रांची के दलालों ने संपर्क कर दावा वादों को रांची में फाइल करवाया है. लातेहार जिले में औसतन 11 व्यक्तियों की मृत्यु प्रत्येक माह सड़क दुर्घटनाओं हो रही है ,इतना ही नहीं कोरोना काल में भी जिले में कुल 91 सड़क दुर्घटना की घटनाएं घटी थी जिसमें 70 लोगों की मौत हुई थी और 51 घायल हुए थे. सबसे बड़ी घटना पिछले जनवरी माह में जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में घटी, जिसमें बस पर सवार लोगों में कुल 10 लोगों की जान मौके पर ही चली गई, लेकिन एक भी दुर्घटना दावावाद लातेहार स्थित ट्रिब्यूनल में फाइल नहीं हुई, जो गंभीर विषय है. दुर्घटना में शिकार व्यक्तियों के परिजनों का कहना है कि जिले के चंदवा प्रखंड में कुछ दलाल सक्रिय है जो दुर्घटना होते ही उनके प्रभावितों के घरों में जाकर कुछ राशि का वितरण कर देते हैं और सारी कागजी प्रक्रिया पूरी कर वे दावा वादों को रांची स्थित ट्रिब्यूनल में फाइल करवा देते हैं. अभी हाल ही में नगर पंचायत लातेहार का मजदूर विनोद उरांव को एक सड़क दुर्घटना में जान गंवानी पड़ी. उनके परिजनों का कहना है कि चंदवा का एक दलाल जो अपने को रिंकू एवं प्रिंस बताया और उनके कागजातों को लेकर रांची ट्रिब्यूनल में फाइल करवा दिया और मनमाने तरीके से उन्हें सुलह समझौता करने के लिए दबाव बना रहा है. ऐसे ही अनगिनत मामले जिले में हैं जिस पर ना तो प्रशासनिक रोकटोक की जा रही है और ना ही अधिवक्ता संघ मुखर है. दलालों के प्रलोभन पूर्ण कार्य से जहां प्रभावितों को औने पौने मुआवजा राशिपर सुलह समझौता करना पड़ रहा है. वही लातेहार जिले के अधिवक्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. श्री कुमार ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ट्रिब्यूनल एवं उपायुक्त लातेहार से अनुरोध किया है कि यहां दुर्घटना से संबंधित दावा वादों को संधारित करवाने की दिशा में पहल की जाये.