


ज्ञापन मे उन्होने कहा कि वर्तमान वितरण व्यवस्था व्यावहारिक और संतुलित नहीं प्रतीत होती है. पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में कंबल वितरण योजना के तहत प्रति पंचायत मुखिया को लगभग 120 कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्यों को मात्र 20 कंबल दिए जा रहे हैं. उनका कहना है कि पंचायत समिति सदस्य भी ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर सुदूर एवं जरूरतमंद टोलों तक समान रूप से पहुंच रखते हैं और कई मामलों में उनकी सक्रियता और प्रभावशीलता मुखिया से कम नहीं है.
प्रतिनिधियों का मत है कि यदि कंबलों का वितरण मुखिया, पंचायत समिति सदस्य एवं वार्ड सदस्यों के बीच उचित अनुपात में किया जाए, तो योजना अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बन सकती है. इससे वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में आसानी होगी और किसी प्रकार की असमानता की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी. पंचायत समिति सदस्यों ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि वितरण प्रक्रिया की समीक्षा कर इसमें आवश्यक सुधार किया जाए, ताकि कंबल वितरण योजना का लाभ अधिक से अधिक गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके.
मांग करने वालों में चंदवा प्रमुख अश्विनी कुमार मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य बबलू मुंडा (जमीरा), गीता देवी (बारी), संगीता देवी (डुमारो) एवं शंकर गंजू (चेतर) शामिल हैं.