लातेहार। उपायुक्त संदीप कुमार ने जिलेवासियों से गाजर घास (पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस) को जड़ से खत्म करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह घास मानव स्वास्थ्य और फसलों दोनों के लिए बेहद खतरनाक है.
क्या है गाजर घास
गाजर घास का वैज्ञानिक नाम पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस (Parthenium hysterophorus)_है। यह एक खरपतवार है जो तेजी से फैलती है। इसके संपर्क में आने से त्वचा रोग, दमा, एलर्जी और सांस की बीमारियां हो सकती हैं। साथ ही यह फसलों की पैदावार को भी घटाती है.
उपायुक्त की अपील
उपायुक्त ने कहा कि मानसून से पहले गाजर घास को नष्ट करना जरूरी है, क्योंकि बारिश में यह तेजी से बढ़ती है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों और आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घर, खेत, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों से इस घास को हटाएं.
हटाने का सही तरीका
1. घास को फूल आने से पहले जड़ सहित उखाड़ें।
2. उखाड़ते समय हाथों में दस्ताने और मुंह पर मास्क जरूर पहनें।
3. उखाड़ी गई घास को गड्ढे में दबा दें या सुखाकर जला दें।
उपायुक्त ने कहा, “गाजर घास मुक्त लातेहार बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है. यह सिर्फ प्रशासन की नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है. जिला कृषि विभाग और स्वास्थ्य विभाग को भी इस अभियान में लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है.