लातेहर।भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच चिकित्सकों ने लोगों को हीट वेव से सावधान रहने की सलाह दी है। लातेहार सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार शरण ने बताया कि जब तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तब लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सुबह 11:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक हीट वेव का पीक टाइम रहता है, इस दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
डॉ. शरण के अनुसार लू लगने पर शरीर में बुखार जैसा महसूस होना, पसीना कम आना, उल्टी, चक्कर और सिर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ऐसी स्थिति में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराना चाहिए। उन्होंने लोगों को अधिक से अधिक ओआरएस घोल पीने की सलाह दी। इसके साथ ही लस्सी, खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसे पानी से भरपूर फल और पेय पदार्थों के सेवन को भी लाभदायक बताया।
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जेपी जायसवाल ने कहा कि अप्रैल और मई महीने में हीट वेव का असर अधिक देखने को मिलता है, जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को दोपहर के पीक समय में घर से बाहर न निकलने दें। बच्चों को हमेशा हाइड्रेट रखें और उनके साथ पानी की बोतल अवश्य रखें।डॉ. जायसवाल ने यह भी बताया कि यदि बच्चों में उल्टी, बुखार, लूज मोशन या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।