WhatsApp Image 2026-06-18 at 10.50.18 AM
lps
RPD NEW NEW
latehar-tuiris
alisha 4 6
carnival 1
झारखंडबरवाडीहलातेहार

पलायन बदस्‍तूर जारी: वाहनों में जान जोखिम में डालकर बिहार ढोये जा रहे हैं मजदूर

एसआईआर के बीच पलायन बढ़ा रही है चिंता, दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूरों का मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका

बरवाडीह (लातेहार)।  प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से धान रोपनी के मौसम में बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन लगातार जारी है. स्थानीय लोगों के अनुसार बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आए ठेकेदार गांव-गांव पहुंचकर मजदूरों को अधिक मजदूरी, राशन एवं अन्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धान रोपनी के लिए अपने साथ ले जा रहे हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि मजदूरों को सुरक्षित यात्री वाहनों के बजाय पिकअप वाहनों में ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा है. इन वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है, जिससे उनकी जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि पिकअप वाहन माल ढुलाई के लिए बने हैं, लेकिन इनका उपयोग खुलेआम मजदूरों की ढुलाई के लिए किया जा रहा है. कई बार महिलाओं और बच्चों को भी इन्हीं वाहनों में बैठाकर लंबी दूरी तय कराई जाती है. यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार गरीब और जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें नकद राशि, राशन और बेहतर कमाई का भरोसा दिलाते हैं. रोजगार की कमी और आर्थिक मजबूरी के कारण मजदूर भी इन प्रस्तावों को स्वीकार कर लेते हैं और बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे राज्यों की ओर रवाना हो जाते हैं. इससे न केवल उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि उनके श्रम अधिकारों के संरक्षण पर भी सवाल खड़े होते हैं. इधर, वर्तमान समय में झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया भी चल रही है. ऐसे में स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि बड़ी संख्या में मजदूर लंबे समय तक अपने गांवों से बाहर रहेंगे तो मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उनका सत्यापन प्रभावित हो सकता है. इससे भविष्य में उनके नाम मतदाता सूची से हटने जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है. हालांकि इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, फिर भी ग्रामीणों में इसे लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है. वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन एवं श्रम विभाग से मांग की है कि मजदूरों की असुरक्षित ढुलाई पर तत्काल रोक लगाई जाए. साथ ही बाहरी ठेकेदारों की गतिविधियों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिकों को निर्धारित नियमों के अनुरूप सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराया जाए. लोगों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा, उनके श्रम अधिकारों की रक्षा तथा मतदान जैसे संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए.

Mayank Wishwkarma

संवाददाता, शुभम संवाद, बरवाडीह ( लातेहार)

Mayank Wishwkarma

संवाददाता, शुभम संवाद, बरवाडीह ( लातेहार)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!