लातेहार। मंगलवार को जिला अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद के नेतृत्व में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संस्थापक सह प्रधान सचिव पुष्कर महतो, कार्यकारी अध्यक्ष रोजलीन तिर्की व केंद्रीय सचिव राशिद खान मौजूद थे. प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंंपा.
जिला अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद ने गृह विभाग के द्वारा भेजे गये सूची के अनुसार जिले के झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान देने की मांग की. उन्होने उस सूची को जिले के सभी प्रखंडों में भेजने की बात कही. उन्होने कहा कि प्रशासन आधे अधूरे सूची से कार्य कर रहा है. ज्ञापन में झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान के साथ अलग पहचान दिलाने की मांग की गयी. इसके अलावा आंदोलनकारियों के आश्रितों को स्थानीय स्तर पर सीधी नियुक्ति का अवसर देने, जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन के रूप में 50-50 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग की गई. इसके अलावा मोर्चा ने खनिज संपदा वाले क्षेत्रों से विस्थापित एवं प्रभावित लोगों को 26 प्रतिशत रॉयल्टी में अधिकार देने की भी मांग की गयी. प्रतिनिधिमंडल में उपरोक्त लोगों के अलावा अली हसन अंसारी, विलंगना किंडो, वीरेंद्र ठाकुर, रंजीत टोप्पो और राजेश लकड़ा प्रमुख रूप से शामिल थे. जिला अध्यक्ष ने बताया कि उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अब तक जिन झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र नहीं मिला है, उन्हें सम्मान पत्र देने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार जो भी देय होगा उसे पूरा किया जायेगा. मौके पर बरला उरांव, लक्ष्मण सिंह, जयराम उरांव, शुक्र गंझू, बोरखान साहू, रजनी देवी, अशोक तिवारी, कमलेश कुमार, सीमा देवी, मनोज उरांव, घोरबिगण सिंह, सरवन सिंह व मंगल देव राव समेंत कई आंदोलनकारी मौजूद थे.