महुआडांड़ (लातेहार) महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितता एवं धांधली के विरोध में गुरुवार को सर्वदलीय एकता मंच, महुआडांड़ के तत्वावधान में एक दिवसीय आक्रोश महारैली एवं धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। विभिन्न पंचायतों से ईसाई, मुस्लिम समेत बड़ी संख्या में मतदाता हाथों में तख्तियां लेकर रैली में शामिल हुए। रैली शहीद चौक से शुरू होकर शास्त्री चौक, बिरसा चौक व रामपुर चौक होते हुए अनुमंडल कार्यालय परिसर पहुंची, जहां सभा में तब्दील हो गयी। इस दौरान “मतदाता सूची से छेड़छाड़ करना बंद करो” और “लोकतंत्र की यही पुकार, हर मतदाता का हो अधिकार” जैसे नारे लगाये गये।सभा की अध्यक्षता लॉरेंस कुजूर ने की। मंच का संचालन अजीत पाल कुजूर एवं तनवीर अहमद ने संयुक्त रूप से किया। जिला कांग्रेस आदिवासी अध्यक्ष अजीत पाल कुजूर ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा मुस्लिम और ईसाई मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से पपत्र-7 भरकर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़कापू, अमवाटोली समेत अन्य क्षेत्रों में इस तरह के मामले सामने आये हैं। इसे लेकर अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया है। खजीमुद्दीन ने कहा कि कई ऐसे मतदाताओं के खिलाफ पपत्र-7 दिया जा रहा है, जो अपने स्थानीय पते पर रह रहे हैं। ऐसे आवेदनों की जांच कर फर्जी आवेदन देने वालों को चिह्नित करते हुए कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। मनीना कुजूर ने आरोप लगाया कि बीएलओ पर भी हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।तनवीर अहमद ने कहा कि हमें ऐसे लोगों से होशियार रहने की जरूरत है जो इस तरह की कृत्य कर रहे हैं, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम न कटे। शहजाद आलम ने कहा कि यह मामला पूरे झारखंड में हुआ है जो विशेष समुदाय को टारगेट करके फार्म 7 भरकर नाम काटने की साजिश रची जा रही है यह सरासर गलत है ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए अभिलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए। धरना के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडरी को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें गलत या फर्जी आवेदन देने वालों पर कानूनी कार्रवाई, पपत्र-7 के प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष जांच, उचित प्रमाण के बिना किसी मतदाता का नाम नहीं हटाने, SIR में कथित गड़बड़ी पर रोक लगाने तथा दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गयी।
एसडीओ ने कहा—शिकायतों की जांच जारी है
अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडरी ने कहा कि पपत्र-7 से संबंधित शिकायतें मनिका विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त हो रही हैं। इनकी जांच की जा रही है। यदि किसी मतदाता को लगता है कि जानबूझकर उसका नाम हटाने के लिए पपत्र-7 दाखिल किया गया है, तो वह अपना पक्ष दर्ज करा सकता है। उन्होंने बताया कि SIR के तहत पपत्र-6 से नाम जुड़वाने, पपत्र-7 से नाम के समावेशन पर आपत्ति या नाम विलोपन तथा पपत्र-8 से स्थानांतरण और विवरण में सुधार कराया जा सकता है। इन प्रक्रियाओं के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है। एसडीओ ने कहा कि SIR के डिजिटलाइजेशन से पहले सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी, ताकि प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा सके। मौके पर कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि इफ्तेखार अहमद, प्रमुख कंचन कुजूर, उपप्रमुख अभय मिंज, मंडल अध्यक्ष नूरुल हसन, रेहान रजा, मंजुल अंसारी, इमरान खान, जावेद अख्तर, आमिर सुहेल, अब्दुल मतीन, मजहर खान, निर्मला टोप्पो, प्रमिला मिंज, राजेश टोप्पो, ऊषा खलखो, रोशनी कुजूर, सुषमा एक्का, परवेज आलम, रामनरेश ठाकुर, किशोर तिर्की, कोमल किंडो, कांता एक्का, लॉरेंस कुजूर, सिब्रयूस मिंज, लुईस कुजूर, अशोक नगेसिया सहित हजारों मतदाता उपस्थित थे।