लातेहार। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस (पेसा) का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर उपायुक्त संदीप कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रवेश अग्रवाल, उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद व अनय जन प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं टाना भगत प्रतिनिधियों द्वारा माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन करने के साथ किया गया. इसके उपरांत उपायुक्त संदीप कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम में पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण, अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था तथा जनजातीय समुदायों के अधिकारों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. उपायुक्त ने उपस्थित पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि पेसा अधिनियम जनजातीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा एवं स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करते हुए ग्राम सभाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया. आगे उन्होंने कहा कि इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पेसा नियमावली-2025 के विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों की स्पष्ट समझ विकसित करना है. सरकार का लक्ष्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की भूमिका को व्यवहारिक रूप से सुदृढ़ बनाना है, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और विकास योजनाओं में आम जनभागीदारी को सीधे तौर पर बढ़ावा दिया जा सके. बैठक में जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं उनका उचित प्रबंधन, जनजातीय समुदायों की स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान का अक्षुण्ण संरक्षण, सरकारी विकास योजनाओं के चयन, क्रियान्वयन और निगरानी में ग्राम सभा की प्रत्यक्ष भूमिका और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और पारदर्शिता पर जोर दिया गया. बैठक में अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी, एलआरडीसी प्रभात कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मेरी मड़की, सिविल सर्जन डॉ राजमोहन खलखो के अलावा कई जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, टाना भगत प्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ता आदि मौजूद थे.