महुआडांड़ (लातेहार)। प्रकृति पर्व सरहुल महुआडांड़ प्रखंड में आदिवासी समाज द्वारा पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सरहुल महोत्सव के अवसर पर सरना समिति महुआडांड़ के बैनर तले हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय फुलवार बगीचा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा फुलवार बगीचा से प्रारंभ होकर बिरसा मुंडा चौक, रामपुर चौक, डीपाटोली, पकरी मोहल्ला, मुख्य बाजार और शास्त्री चौक होते हुए पुनः फुलवार बगीचा पहुंची, जहां यह जुलूस एक सभा में तब्दील हो गया।वही दूसरी ओर सरना आदिवासी विकास एकता मंच के नेतृत्व में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा, हथियार और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। पारंपरिक नृत्य और “जय सरना, जय चाला, सरना माता की जय” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक मंच पर विभिन्न गांवों से आई नृत्य मंडलियों ने आकर्षक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधायक रामचंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी नृत्य मंडलियों को पुरस्कृत भी किया गया। इससे पूर्व सुबह 9 बजे सरना भवन में बैगा पूजा-पाहन दीक्षा समारोह आयोजित हुआ। इसके बाद 10 बजे महादेव सरना में बैगा पाहन द्वारा पूजा-अर्चना की गई तथा 11 बजे वन विभाग स्थित सरना स्थल में सामूहिक पूजा संपन्न हुई। पूजा के दौरान मंगलदेव, विजय नागेशिया, विनोद उरांव, प्रदीप उरांव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
बजरंग दल ने की सेवा व्यवस्था
सरहुल महोत्सव में शामिल ग्रामीणों के लिए बजरंग दल महुआडांड़ इकाई द्वारा शास्त्री चौक पर चना, गुड़ और पानी की व्यवस्था की गई। इस मौके पर जिला संयोजक सूरज साहू, प्रखंड संयोजक सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।सरहुल पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी बिपिन कुमार दुबे, डीएसपी शिवपूजन बहेलिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा, थाना प्रभारी मनोज कुमार, प्रमुख कंचन कुजूर, कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि इफ्तेखार अहमद, अजीत पाल कुजूर, रामनरेश ठाकुर, नूरुल हसन, नसीम अंसारी, कोमल किंडो, राजेश कुजूर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।