लातेहार। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई व जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया. बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रीना कुमारी ने माह फरवरी में जिले में पंजीकृत बाल संरक्षण से संबंधित मामलों की जानकारी देते हुए बताया कि फरवरी माह में कुल 17 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें बाल श्रम के 02, बाल विवाह के 02, अपहरण (किडनैप) के 03, गुमशुदा बच्चों के 04, पॉक्सो एक्ट के 05 तथा एस.एन.सी.पी. का 01 मामला शामिल है. बैठक में मिशन वात्सल्य व जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास, स्पॉन्सरशिप, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है. जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, पोषण अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों, किशोर स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण ट्रैकर, सेविका सहायिका रिक्तियां, आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत संरचना एवं भवन निर्माण, तथा बच्चों से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली. उन्होने आंगनवाड़ी केंद्रों में रिक्त सेविका, सहायिका के पदों पर 31 मार्च तक नियुक्ति करने का निर्देश जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को दिया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ राजमोहन खलखो, उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अल्का हेंब्रम, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रीना कुमारी, बाल कल्याण समिति सदस्य, महिला पर्यवेक्षिका एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.