


रोजेदारों ने खुदा की बारगाह में हाथ फैलाकर देश और प्रदेश की खुशहाली, तरक्की तथा आपसी भाईचारे और शांति के लिए दुआएं मांगीं। महुआडांड़ जामा मस्जिद में नमाज से पूर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मौलाना रेयाज ने रमजान की फजीलत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा, “यह पूरा महीना खुदा की इबादत और उसकी रहमतों का है। रमजान का पाक महीना अल्लाह की बरकतों के नाजिल होने का वक्त है। इस महीने की पहली इबादत रोजा रखना और दूसरी तरावीह की नमाज अदा करना है।”
मौलाना रेयाज ने आगे कहा कि रमजान के पहले दस दिन ‘रहमत’ के होते हैं, जिसमें अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों की बारिश करता है। इस पाक महीने की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि रमजान में नेक काम करने पर सत्तर गुना सवाब (पुण्य) मिलता है। यानी एक नेकी का फल सत्तर नेकियों के बराबर मिलता है। उन्होंने समाज के संपन्न लोगों से अपील की कि इस पवित्र महीने में बढ़-चढ़कर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें, क्योंकि यही इस्लाम की असल तालीम है। नमाज के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सक्रियता देखी गई। शांतिपूर्ण वातावरण में नमाज संपन्न होने पर लोगों ने एक-दूसरे को रमजान के पहले जुमे की मुबारकबाद दी।