लातेहार। विद्या भारती विद्यालय, झारखंड प्रांत के निर्देश पर शहर के सरस्वती विद्या मंदिर,धर्मपुर पथ में तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला का शुभारंभ किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य ओंकार नाथ सहाय ने दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति की उपाध्यक्ष प्रीति भारती मुख्य रूप से मौजूद थी. उन्होने शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि शिक्षक समाज का आइना व पथ प्रदर्शक होते हैं. उनके ही हाथों में छात्रों का भविष्य निर्भर करता है. प्रभारी प्राचार्य ने तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला की भूमिका पर प्रकाश डाला.
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मौके पर प्रातः स्मरण, एकात्मता स्तोत्रं व एकता मंत्र का आचार्य-दीदी के बीच अभ्यास कराया गया. द्वितीय सत्र में एकात्मता स्तोत्रं में उल्लेखित महापुरुषों, देवियों की जीवनी और भारतीय संस्कृति में उनकी भूमिका को बताया गया. इस दौरान माता सीता, माता द्रौपदी, रानी लक्ष्मी बाई, अहिल्याबाई होलकर, गार्गी, मीराबाई, कुमुदिनी, माता अरुंधति, माता अनुसूया, कबीर, संत तुकाराम, गोस्वामी तुलसीदास, सूरदास, चाणक्य, राजा रवि वर्मा, बिरसा मुंडा, भगवान श्री राम, चरक, वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु, महर्षि कपिल, कवि कालिदास, संत झूलेलाल, महर्षि अरविंद, स्वामी रामानंद, केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन वृत्त एवं भारतीय संस्कृति में योगदान को बताया गया.
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कार्यशाला में शशिकांत पांडेय, लाल बहादुर राम, राधेश्याम मिश्रा, सुरेश ठाकुर, रितेश रंजन गुप्ता, आलोक कुमार पांडे, धर्म प्रकाश प्रसाद, गोपाल प्रसाद, कपिल देव प्रमाणिक, राकेश सिन्हा, रविकांत पाठक, दीपक शर्मा, दीपक दास, रविंद्र पांडे, विकास कुमार, अभिषेक कुमार, आकाश कुमार, सलमान होजाई , ममता त्रिपाठी, नीलम अंबष्ट, रेनू गुप्ता, गीता कुमारी, पूनम गुप्ता, मधु कुमारी, रजनी नाग, खुशबू कुमारी, श्वेता श्रीवास्तव, रूबी सिंह, शिल्पा कुमारी, उपासना कुमारी एवं शिल्पा कुमारी आदि उपस्थित थे.