


नुक्कड़ नाटक के कलाकारों द्वारा जीवंत अभिनय और संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अफीम की खेती न केवल अवैध है बल्कि समाज और परिवार दोनों के लिए विनाशकारी परिणाम लेकर आती है. ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया.
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि प्रशासन द्वारा जिले में ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम निरंतर रूप से आयोजित किए जा रहे हैं ताकि मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी पर अंकुश लगाया जा सके तथा युवाओं को नशे से दूर रखते हुए सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके. 
