बरवाडीह (लातेहार)। वन विभाग द्वारा एनओसी नहीं दिए जाने के कारण छिपादोहर और हेहेगड़ा रेलवे स्टेशन हटाए जाने की चर्चा के विरोध में बुधवार को छिपादोहर स्टेशन परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया. धरना में स्थानीय विधायक सह सभापति रामचंद्र सिंह भी शामिल हुए. इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. धरना को संबोधित करते हुए विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि छिपादोहर और हेहेगड़ा स्टेशन क्षेत्र की जनता की जरूरत हैं. इन स्टेशनों से आम लोगों, विद्यार्थियों, मजदूरों और व्यापारियों का जीवन जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को किसी भी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा और स्टेशन को यथावत रखने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस मामले को सरकार और रेलवे के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा. यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा, क्योंकि यह पूरे क्षेत्र की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है. सर्वदलीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष बेरोनिका कुजूर ने कहा कि ग्रामीण एकजुट हैं और स्टेशन हटाने का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण तिवारी ने कहां की यह लड़ाई कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं ग्रामीण जनता की हित की लड़ाई है. यह लड़ाई आंदोलन रुकने वाला नहीं आंदोलन तबतक चलेगी जबतक ग्रामीण जनता के हित में काम नहीं होता. वहीं प्रमुख उप प्रमुख वीरेंद्र जायसवाल ने कहा कि दोनों स्टेशन क्षेत्र के विकास और आवागमन के लिए बेहद जरूरी हैं. विजय प्रसाद ने कहा कि स्टेशन हटने से गरीब और ग्रामीण तबके को भारी परेशानी होगी. डॉ. सुनील कुमार ने इसे जनता के अधिकारों की लड़ाई बताया है. धरना के दौरान पीएमओ कार्यालय में शिकायत भेजकर छिपादोहर और हेहेगड़ा स्टेशन को यथावत रखने की मांग की गई. मौके पर सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरि, बीस सूत्री अध्यक्ष नसीम अंसारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनीता कुमारी, रामचरित्र प्रसाद, दीपा देवी, उमेश राम, मुना गुप्ता, संजय सिन्हा, सुनील प्रसाद, सोनू प्रसाद समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. छिपादोहर और हेहेगड़ा रेलवे स्टेशन को बचाए जाने को लेकर ग्रामीणों द्वारा एक दिवसीय धरना को सफल बनाने के लिए छिपादोहर के सभी दुनदारों ने अपनी दुकान बंद कर धरना का समर्थन किया. इस दौरान किसी प्रकार का अनहोनी घटना न हो इसके लिए छिपादोहर पुलिस की टीम लगातार नजर बनाए रखी।