बालूमाथ (लातेहार)। तालीम आज के वक्त में सबसे बड़ी ताकत है, इसके बगैर कामयाब जिंदगी का तसव्वुर भी मुमकिन नहीं है। उक्त बातें अंजुमन फरोग-ए-उर्दू झारखंड के द्वारा गत रविवार को बालूमाथ स्थित होटल कजारिया के सभागार में डॉ इकबाल नैयर कासमी की याद में आयोजित करियर काउंसलिंग व पुरस्कार वितरण समारोह में समाजसेवी जुनैद अनवर ने बतौर मुख्य अतिथि कही. उन्होंने कहा कि तालीम का हुक्म अल्लाह ने नबी के जरिए से दिया. इसमें कोताही नस्लों की बर्बादी है. आज का वक्त तालीम का है. जिसके जरिए दुनिया के किसी भी हिस्से में पहचान कायम की जा सकती है. जुनैद अनवर ने बालूमाथ की धरती को प्रतिभासंपन्न धरती बताया. उन्होंने कहा कि आज के वक्त में गरीब और निर्धन बच्चे प्रतिभा की बदौलत क्षेत्र और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से स्थापित कर रहे हैं.
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विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मौलाना अब्दुल वाजिद चतुर्वेदी ने उपस्थित बच्चों को दसवीं व 12वीं के बाद के कैरियर के चुनाव को लेकर बारीकी से चर्चा की. उन्होंने अभिभावकों से करियर चुनने से पहले बच्चों की राय जानने को जरूरी करार दिया. कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज शालिन के द्वारा तिलावत-ए-कुरानपाक से की गई. स्वागत भाषण में मौलाना अब्दुल वाजिद चतुर्वेदी व दानिश अयाज ने अंजुमन फरोग-ए-उर्दू व डॉ इकबाल नैयर कासमी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए तालीम व सामाजिक कार्यों को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया.
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अंजुमन-फरोग-ए-उर्दू के सेक्रेटरी गालिब नश्तर ने अंजुमन के द्वारा उर्दू के प्रसार के लिए चलाए जा रहे प्रोग्राम की चर्चा की. कार्यक्रम को मौलाना वसीम अकरम, तौकीर अफ़ांदी ने भी संबोधित किया. मैट्रिक, इंटर व अन्य माध्यमों से पास हुए वैसे छात्र एवं छात्राओं जिनके उर्दू विषय में अच्छे मार्क्स प्राप्त हुए थे, उन्हें मेडल, मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर अंजुमन के द्वारा सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन हाफिज अल्फातेह ने किया. मौके पर हाफिज अबूतलहा, मौलाना तौफीक, मनसूर अंसारी, मसरूर आलम समेत अनेक गणमान्य लोग व काफी संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे.