लातेहार। शहर के बीचोबीच अवस्थित अंबाकोठी परिसर में श्री रामचरितमानस नवाहन पारायण पाठ महायज्ञ के 52वें अधिवेशन की तैयारियां पूरी कर ली गयी है. परिसर में विशाल पंडाल बन कर तैयार है. महालया की तिथि 21 सितंबर को महायज्ञ परिसर से विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली जायेगी. इस आशय की जानकारी देते हुए महायज्ञ समिति के मीडिया प्रभारी चंद्रप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि सुबह सात बजे से महायज्ञ परिसर से कलश यात्रा निकाली जायेगी. आयोजन की सफलता हेतु महायज्ञ समिति के मुख्य संरक्षक सह पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम, अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार महलका व संयुक्त मंत्री सुनील कुमार समेत अन्य पदधारी और कार्यकर्ता पूरी सक्रिय हैं. श्री उपाध्याय ने बताया कि 22 सितंबर को पूर्वाह्रन 11 बजे श्रीरामचरित मानस नवाह्रन परायण पाठ का उदघाटन किया जायेगा. झारखंड के पहले विधानसभा अध्यक्ष सह पूर्व सांसद इंदर सिंह नामधारी इसका उदघाटन करेगें. उन्होने बताया कि 22 से एक अक्टूबर तक संगीतमय श्री रामचरितमानस पारायण पाठ का किया जाएगा. दो अक्टूबर को महायज्ञ का समापन और महाप्रसाद वितरण किया जायेगा. उन्होने बताया कि महायज्ञ के दौरान 22 सितंबर से लेकर एक अक्टूबर तक रामायण पाठ के बाद संध्या में महा आरती और भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा अन्य कई भक्तिमय कार्यक्रम भी किए जाएंगे। महासमिति ने लातेहार के तमाम लोगों से इस महायज्ञ को सफल बनाने में तन मन और धन से सहयोग करने की अपील की है. बता दें कि आज से 51 वर्ष पूर्व शहर के अंबाकोठी में सीमित संसाधनों के बीच के श्री रामचरितमानस पाठ महायज्ञ का शुभारंभ किया गया था. लेकिन आज इस आयोजन ने भव्य रूप अख्तियार कर चुका है. कहना गलत नही होगा कि अगर यह आयोजन जिला मुख्यालय में नहीं हो तो शारदीय नवरात्र का उत्साह फीका पड़ जायेगा. सुबह महायज्ञ स्थल की परिक्रमा करने वालों की भीड़ हजारों में होती है, वहीं संध्या आरती में भी काफी संख्या में लोग उमड़ते हैं और पूरे मनोयोग से श्रीराम दरबार की आरती करते हैं और अपने एवं अपने परिवार के सुख व शांति की कामना करते हैं.