लातेहार। झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आहुत अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को नौवें दिन भी जारी रहा. लातेहार जिले के सभी प्रखंडों के एल-5 से एल–8 स्तर तक के जेएसएलपीएस कर्मी जिला मुख्यालय में धरना–प्रदर्शन कर रहे हैं. यह हड़ताल राज्य के सभी 24 जिलों में एक साथ जारी है और सभी कर्मी पूरी तरह कार्यबंदी पर हैं. कर्मियों की प्रमुख मांगों में एनएमएमयू न्यू एचआर मॉडल लागू करने, राज्यकर्मियों का स्थायीकरण व सेवा–सुरक्षा, वेतन पुनरीक्षण, दस प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि करने, एल–5 से एल–8 कर्मियों की अनुभव आधारित पदोन्नति तथा स्थानांतरण नीति में समानता करने की मांग शामिल है. संघ का आरोप है कि अब तक विभाग की ओर से इन मांगों पर कोई स्पष्ट लिखित आदेश या निर्धारित समय–सीमा जारी नहीं किया गया है. कई दौर के बैठकों, पत्राचार और वार्ताओं के बावजूद कर्मियों को केवल मौखिक आश्वासन ही मिले हैं. हालांकि हड़ताल का असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिख रहा है. एसएचजी, वीओ और सीएलफ बैठक, बैंक लिंकेज, ऋण प्रक्रियाएँ, एमआईएस रिपोर्टिंग, प्रशिक्षण तथा सभी फील्ड गतिविधियाँ पूरी तरह ठप हो चुकी है.
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इससे एनएआरएलएम का कार्य अस्थिर हो गया है. संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है तथा किसी भी जिले से अव्यवस्था की सूचना नहीं है. कर्मियों ने सरकार से मांगों पर लिखित निर्णय एवं ठोस समय–सीमा जारी करने की अपील की है. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा. आजीविका के सभी कर्मियों ने सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दुहराया. मौके पर आलोक कुमार, सुजीत कुमार, अरुण कुमार, सुरेंद्र यादव और संजय यादव समेत अन्य कर्मी उपस्थित थे.