


विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं. बच्चों ने मां की ममता, त्याग और स्नेह पर आधारित गीत, नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. संस्थापक ओम प्रकाश ने कहा कि मां बच्चे की पहली गुरु होती है और उसके संस्कारों से ही समाज एवं राष्ट्र का निर्माण होता है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में पारिवारिक मूल्यों और सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार ने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है. इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य एस्टेला नगेशिया, मुखिया रीता खलखो, रोशनी कुजूर, संस्थापक ओम प्रकाश, निदेशक सत्यानंद वर्मा, प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार, हॉस्टल इंचार्ज सुजीत कुमार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं भानु प्रताप सिंह, आश्रिता हुरहुरिया, अस्थिर तारा, साक्षी कुमारी, अबीरा एक्का, रूबी तिर्की, पूनम कुमारी एवं दीपिका कुमारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. 