लातेहार
राष्ट्रीय लोक अदालत में 15700 वादों का निष्पादन व चार करोड़ रूपये का सेटलमेंट हुआ
कुटंब न्यायालय ने तीन जोड़ों को मिलाया

लातेहार। व्यवहार न्यायालय परिसर में नालसा व झालसा के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह के मागदर्शन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्धघाटन झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और झालसा के मुख्य संरक्षक तरलोक सिंह चैहान ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि बाल श्रम को रोकना आज भी एक बड़ी चुनौती है. मुख्य न्यायाधीश ने डायन प्रथा को भी समाज के लिए अभिशाप बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए जागरूकता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय तक सरल, सुलभ और त्वरित पहुंच का सशक्त माध्यम है.
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लीटिगेशन एवं लंबित मामलों में 15700 वादों का निष्पादन किया गया और लगभग चार करोड़ रूपये का सेटलमेंट किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत में जेएसएलपीएस, लातेहार के तत्वावधान में 48 स्थानीय सखी मंडल को प्रधान जिला एंव सत्र न्यायाधीष मनोज कुमार सिंह के द्वारा 72 लाख रूपये का चेक दिया गया. श्री सिंह ने महिलाओं को पैसे का सही उपयोग करने, बच्चों की शिक्षा व रोजगार के अवसर तलाशकर जीवन में आगे बढ़ने की सलाह दी.

अलग रह रहे तीन पति-पत्नी को मिलाया गया
कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीष सैयद सलीम फातमी ने वर्षों से अलग रह रहे तीन जोड़ों को मिलाया. ये तीनों जोड़ा अपने रिस्ते से खुश नहीं थे और लग रहना चाहते थे, लेकिन कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीष सैयद सलीम फातमी के समझाने- बुझाने पर साथ रहने को राजी हो गये. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने तीनों जोड़ों को मिठाई खिलाकर विदा किया तथा हमेशा साथ रहने एवं बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने एवं जीवन में आगे बढ़ाने की सलाह दी.




