लातेहार
शिक्षक संघों ने क्षतिपूर्ति अवकाश देने की मांग की, डीएसई को ज्ञापन सौंपा


अपने ज्ञापन में उन्होने कहा है कि जिले के प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में राज्य स्तरीय घोषित सार्वजनिक अवकाश सूची के अनुसार 21 जून 2025 योग दिवस को तीसरा शनिवार का अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन शिक्षा सचिव एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर 21 जून योग दिवस के अवसर पर विद्यालय सामान्य दिनों की भांति खुला रखने का निर्देश प्राप्त हुआ था. इस कारण 21 जून को योग दिवस पर जिले के प्रारंभिक विद्यालयों को सामान्य दिनों की भांति खुला गया था.
इसी प्रकार 20 दिसंबर को तीसरा शनिवार अवकाश के बावजूद एसस-1 मूल्याकंंन के कारण सामान्य दिनों की तरह खोला गया था. ज्ञापन में संघों ने कहा है कि 21 जून के योग दिवस के रद्द सार्वजनिक अवकाश का गढ़वा और पलामू समेंत अन्य जिलों में सामंंजन कर लिया गया है, लेकिन लातेहार में अभी तक इन दोनों अवकाशों का सामंजन नहीं किया गया है. शिक्षकों ने इस अवकाश को दिसंबर महीने में बढ़ती ठंड के मद्देनजर 26 व 27 दिसंबर को सामंजन कर क्षतिपूर्ति अवकाश देने की मांग की है.
ज्ञापन सौंपने वालों में झारखंड प्रगितशील शिक्षक संघ, झारखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ एवं जिला माध्यमिक शिक्षक संघ, लातेहार का का नाम शामिल है. बाद में बात करते हुए कई शिक्षकों ने बताया कि लातेहार जिले में छोटी-छोटी गलतियों पर शिक्षकों का वेतन बंद कर देने की एक परंपरा चल पड़ी है, लेकिन जब शिक्षकों के हित की बात आती है तो अधिकरी पल्ला छाड़ लेते हैं. इससे शिक्षकों में असंतोष है. संघों की बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठायी गयी है. सबों ने एक स्वर से विभागीय अधिकारियों के भेदभाव नीति की आलोचना की है.