


प्रदर्शनकारियों ने झारखण्ड सरकार द्वारा झारखण्ड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 3 के तहत लागू की गई पेसा नियमावली को असंवैधानिक और संसद द्वारा पारित कानून के विरुद्ध बताया। मंच का आरोप है कि सरकार ने ग्राम सभा को केंद्र में रखने के बजाय उपायुक्त-केंद्रित व्यवस्था लागू कर दी है, जो अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, स्वशासन और प्राकृतिक संसाधनों पर सीधा हमला है।
