


उन्होने उनके बाल बच्चों को रोजी रोजगार नियोजन की 100 प्रतिशत गारंटी देने, जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को 50-50 हजार रूपये पेंशन देने की मांग की. कहा कि राज्य में सरकार के संकल्प का पालन एवं आश्वासन पर अमल नहीं होना दुर्भाग्य की बात है. यह झारखंड आंदोलनकारियों का आखिरी संघर्ष व शहादत का कार्यक्रम होगा. पलामू प्रमंडल की अध्यक्ष विलंगना किंडो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को सरकार न्याय करे अधिकार दे पहचान दे सम्मान दे पेंशन दे लेकिन टेंशन ना दे.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष रंजीत टोप्पो ने कहा कि सरकार अलग राज्य के संवैधानिक मूल्यों- मर्यादाओं का पालन करें आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करें. इस अवसर पर जेरोम तिग्गा राजेश लकड़ा, वीरेंद्र टोप्पो ,बेरियानुस मिंज ,कृति किरण गिद्ध,फूलजेंट एक्का तमासुयुस मिंज, सुमित हिटलर मिंज, बृजमोहन मिंज,कालिस्ता तिग्गा,हरि एक्का,जॉन कुजूर फ्लोर एक्का, गीता तिर्की मेसरेकन खलखो, सेबेरियुस मिंज, अजय कुजुर, पुरुष वाणी खलखो , विनोद कुजुर निर्मल कुजूर सहित सैकड़ो आंदोलनकारी उपस्थित थे. 