बालूमाथ (लातेहार)। कोयला ढुलाई करने वाले हाइवा और ट्रकों से उड़ रहे धूलकण से परेशान शहर के दुकानदारों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने दिन के समय भारी कोयला वाहनों की नो इंट्री लागू करने और बाईपास सड़क निर्माण की मांग की है. इस संबंध में स्थानीय दुकानदारों एवं ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है. आवेदन में बताया गया है कि तेतरियाखाड़, तुबेद और मगध कोल परियोजनाओं से निकलने वाले कोयले की ढुलाई भारी वाहनों के माध्यम से बालूमाथ मुख्य सड़क से की जाती है. यह सड़क घनी आबादी वाले बाजार क्षेत्र से होकर गुजरती है. सड़क पर जमा कोयले की धूल और लगातार भारी वाहनों के आवागमन के कारण दिनभर धूल उड़ती रहती है, जिससे दुकानदारों, ग्रामीणों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार धूलकण के कारण घरों और दुकानों में गंदगी बढ़ गई है. महिलाओं को बार-बार साफ-सफाई करनी पड़ती है. वहीं धूल के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि तेज रफ्तार से चलने वाले कोयला लदे वाहनों के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सड़क पार करने तथा आवागमन में परेशानी होती है. धूल और भारी वाहनों की तेज रफ्तार से दोपहिया एवं छोटे वाहन चालक भी परेशान हैं. स्थानीय लोगों का कहना है, कि कई बार छोटे वाहन अनियंत्रित होने से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से घनी आबादी वाले बालूमाथ बाजार क्षेत्र में दिन के समय भारी कोयला वाहनों की नो इंट्री लागू करने तथा कोयला ढुलाई के लिए बाईपास सड़क की व्यवस्था कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि इससे बाजार क्षेत्र में धूल की समस्या के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा.