बरवाडीह (लातेहार)। बस स्टैंड परिसर में दुकान निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब और ज्यादा गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज ने पूरे मामले में पारदर्शिता लाने के लिए सूचना के अधिकार के तहत विस्तृत जानकारी मांगकर बाजार में हलचल बढ़ा दी है. दीपक राज का कहना है कि गरीब दुकानदार वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी और ठेले पर मेहनत करके अपना परिवार चला रहे हैं, ऐसे में यदि उन्हें स्थाई दुकानें मिलती हैं तो यह उनके जीवन में बड़ा सुधार होगा. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी विकास कार्य की आड़ में यदि जमीन और प्रक्रिया की जानकारी छिपाई जाती है, तो उससे सबसे पहले छोटे दुकानदार ही प्रभावित होते हैं. इसी को लेकर उन्होंने अंचल अधिकारी, बरवाडीह के पास आरटीआई आवेदन देकर बस स्टैंड सहित क्षेत्र की सभी जिला परिषद भूमि का पूरा रिकॉर्ड मांगा है, जिसमें खाता, प्लॉट नंबर, रकवा, चौहद्दी और वर्तमान स्थिति की जानकारी शामिल है. अब सबसे बड़ा सवाल बाजार में यही गूंज रहा है कि आखिर किस आधार पर दुकानदारों से दुकान निर्माण के नाम पर राशि की मांग की गई और किस प्रक्रिया के तहत उन्हें अंधेरे में रखकर प्राथमिकता के नाम पर लेन-देन की चर्चाएं सामने आ रही हैं. इसी सवाल ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है. दीपक राज का कहना है कि यह कदम किसी आरोप के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाकर गरीब दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है. अंचल कार्यालय ने जानकारी देने का आश्वासन दिया है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आरटीआई से क्या सच सामने आता है और क्या वास्तव में दुकानदारों को न्याय मिल पाएगा. वहीं संवाददाता मयंक विश्वकर्मा ने कहा कि पीडब्लूडी का कहना है कि जहां पर दुकान बनाने की बात चल रही है, वह जमीन हमारा है अगर वहां दुकान बन जाती है तो भविष्य में सड़क का चौड़ीकरण में रुकावट आएगी.