झारखंड
मुल्क में अमन ओ चैन की दुआ के साथ अदा की गई ‘ईद-उल-अजहा’ की नमाज


उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा का स्पष्ट संदेश अल्लाह को राजी करना है. बुराइयों का त्याग कर अच्छाइयां को आत्मसात करना है. ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद सामूहिक दुआ कराई गई. जिसमें अपने शहर समेत मुल्क में अमन, शांति, भाईचारगी का गहवारा कायम हो की दुआ की गई. नमाज़ के बाद लोग एक दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दिया. निर्धारित समय से पहले ही नमाज़ीयों का हुज़ूम ईदगाह में उमड़ पड़ा था. बालूमाथ पुलिस के द्वारा नमाजियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुस्तैदी के साथ डटे रहे. नमाजियों की बड़ी संख्या को देखते हुए बालूमाथ स्थित जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा की दूसरी नमाज अदा की गई. जहां हाफिज मौलाना अताउल्लाह के इमामत में नमाज अदा की गई. बालूमाथ अंजुमन सुब्हानूल मुस्लिमीन, मुस्लिम यूथ कमिटी, ईदगाह कमिटी, मस्जिद कमिटी के सदस्य सक्रियता के साथ व्यवस्था में लगे रहे.