बालूमाथ (लातेहार)। प्रखंड के आरा में शुक्रवार की देर शाम एक हृदयविदारक हादसे में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृत बच्चों के पिता द्वारिका गंझु तेतरियाखांड कोलियरी में सीसीएल कर्मी हैं. एक साथ तीन बच्चों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. जानकारी के अनुसार द्वारिका गंझु के बच्चे माही कुमार 9 वर्ष, दीपिका कुमारी 6 वर्ष और आर्यन कुमार 3 वर्ष शुक्रवार शाम गांव के समीप स्थित पानी से भरे एक पुराने गड्ढे में नहाने गए थे. बताया जाता है कि वर्षों पहले पत्थर निकालने के लिए इस गड्ढे की खुदाई की गई थी, जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है. नहाने के दौरान तीनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण बच्चों को तत्काल बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. जहां डॉ दयानंद कुमार ने जांच के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा जिस स्थान पर हुआ, वह एनटीपीसी की निर्माणाधीन कन्वेयर बेल्ट के समीप स्थित है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी से भरा यह गड्ढा लंबे समय से हादसों को दावत दे रहा था, लेकिन इसे सुरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ज्ञात हो कि सितम्बर 2021 में बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र के बुकरू ग्राम में करम डाल विसर्जन करने गई 7 बच्चियों की भी मौत ऐसे ही गड्ढे में डूबने से हो गई थी. रेलवे द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से इन गड्ढो को खोद दिया गया है जिसे अब तक भरा नहीं गया हैं. वही घटना की सूचना मिलने पर बालूमाथ थाना प्रभारी अमित कुमार, सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार एवं देवेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस दर्दनाक हादसे के बाद आरा गांव समेत आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है और लोगों के आंख नम है.