


उपायुक्त ने कहा है कि हाल ही में एक समाचार पत्र में फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनाने से संबंधित समाचार प्रकाशित हुआ है. इसके अलावा अन्य जिलों में भी फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से जन्म, जाति एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण-पत्र तैयार किए जाने के मामले प्रकाश में आए हैं. ऐसी स्थिति में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है. उपायुक्त ने कहा है कि एसआईआर -2026 के तहत मतदाताओं से विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र प्राप्त किए जा रहे हैं.
ऐसे में किसी भी प्रकार के फर्जी अथवा अनधिकृत दस्तावेज का उपयोग न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और दस्तावेजों की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. उन्होने आम नागरिकों को भी आगाह किया गया है कि वे किसी भी परिस्थिति में फर्जी दस्तावेज तैयार न करें और न ही उनका उपयोग करें. उपायुक्त ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उपलब्ध कराने या उपयोग करने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी.
