अच्छी सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस गांव नहीं जाती
उज्ज्वला योजना, स्वास्थ्य कार्ड, आवास व पेंशन से वंचित हैं दर्जनों आदिम जनजाति परिवार
स्कूल जाने के लिए पथ तो है लेकिन चलने लायक नहीं
लातेहार। जिले के चंदवा प्रखंड के कामता पंचायत समिति सदस्य अयूब खान ने आदिम जनजाति (पीवीटीजी) बहुुल चटुआग गांव का डीएमएफटी फंड से विकास कराने की मांग को ले कर चटुआग ग्राम में पांच जुलाई की रात रात्रि पड़ाव किया. इस दौरान उन्होने ग्रामीणों के साथ स्कूल परिसर में रात्रि पड़ाव कर ग्रामीणों की समस्याओं को जाना. इसके पूर्व उन्होने गांव का भ्रमण कर आदिम जनजाति परिवारों से मिलकर समस्याओं की जानकारी ली. श्री खान ने बताया कि भ्रमण के दौरान पता चा कि जेठनी देवी पति राजू कुमार परहैया का आवास जरजर हालत में है. वह अपने भाई विजय परहैया के घर में अपने सात परिवारों के साथ पिछले कई वर्षों से रहते आ हैं. घर नहीं रहने के कारण वे अपने बच्चों की शादी नहीं कर पा रहे हैं. खान ने बताया कि गांव में पेयजल की सुविधा नहीं रहने के कारण ग्रामीण चूआंड़ी का दुषित पानी पीने को बेेेेवश हैं. बिजली का कनेक्शन सभी घरों तक नहीं पहुंच पाया है. उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय परहैया टोला की सड़क में जान जोखिम में डालकर आदिम जनजाति और आदिवासी छात्र- छात्राएं पढ़ने जाते हैं. प्रखंड कार्यालय से मात्र पांच किलोमीटर दूर और पक्की सड़क से करीब आधे किलोमीटर पर स्थित कामता पंचायत के ग्राम चटुआग के उत्क्रमित प्रथमिक विद्यालय परहैया टोला चटुआग के स्कूल की सड़क ही हालत ठीक नहीं है. इस स्कूल में करीब 12 से अधिक बच्चे आदिम जनजाति के और 15 के बच्चे आदिवासी समुदाय के बच्चे पढ़ाई करते हैं. इस सड़क पर पैदल चलना भी काफी मुश्किल है. गांव में अच्छी सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है. कालीकरण सड़क तक एंबुलेंस जाती है, उसके बाद रोगी को खटिया- डोली के सहारे एंबुलेंस तक लाया जाता है. कई परिवारों को उज्जवला रसोई गैस, राशन कार्ड और पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. गांव में रोजगार नहीं रहने के कारण परहैया टोला के 80 प्रतिशत आदिम जनजाति परिवार दूसरे प्रदेश में पलायन करते हैं. श्री खान ने गांव में शिविर लगा कर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग की. रात्रि पड़ाव में दसवा परहैया, राजकुमार परहैया, सुरेंद्र परहैया, विजय परहैया, सनीका मुंडा, बुधराम बारला, अंकित परहैया, गबरेल मुंडा, ललु परहैया, कुसूम परहैया, विजय भेंगरा, बीनोद परहैया, अजय परहैया, बंधु होरो, दिपेश टोपनो, अमीत भेंगरा, पौलूस टोपनो, राजकुमार भोगता व अन्य शामिल थे.