लातेहार। सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व मुखिया व जन नेत्री श्यामा सिंह का अंतिम संस्कार गुरूवार को नामूदाग स्थित मुक्तिधाम में की गयी. उनके एकलौते पुत्र जीवन सिंह ने मुखाग्नि दी. जीवन सिंह भुुुुुुनेश्वर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज मे नौकरी करते हैं. वे गुरूवार की पूर्वाह़न 11 बजे अपने घर पहुंचे. उनके घर पहुंचते ही परिजनों के रूंदन क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया. श्यामा सिंह के अंतिम संस्कार में ग्राम स्वराज मजदूर संगठन के के अलावा विभिन्न राजनीतिक एवं जातीय संगठनों के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें विदायी दी. इस शोक की घड़ी में प्रख्यात अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने शोक संत्पत परिवार को ढाढस बंधाया. मौके पर अखिल झारखंड ख़रवार आदिवासी विकास परिषद के मुख्य संरक्ष केदार सिंह, धनेशवर सिंह, अखिल भारतीय भुईंयाँ समाज के जगदेव भुईंयाँ, भाकपा (माले) के मुनेश्वर सिंह, जिला परिषद (पश्चिमी) बलवंत सिंह, ग्राम प्रधान राजेश्वर सिंह, सेठा यादव, बिगन सिंह खरवार, ब्रह्मदेव सिंह खरवार, वन अधिकार कार्यकर्त्ता भूखन सिंह, औरंगा बाँध विरोधी संघर्ष समिति के जितेंद्र सिंह चेरो, झारखंड नरेगा वाच के राज्य संयोजक जेम्स हेरेंज सहित बरवाडीह, लोहरदगा और रांची से अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे. बता दें कि पिछले 18 जुलाई को सर्पदंश के बाद श्यामा सिंह को तुंबागढ़ा के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 19 दिनों के संघर्ष के बाद पांच अगस्त को उनका निधन हो गया था. श्यामा सिंह की पहचान मनिका में एक निडर जननेत्री की रही है. नामूदाग पंचायत मुखिया के रूप में उन्होंने मनरेगा कानून, सूचना अधिकार कानून, वन अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा जैसे ब्यापक जनहित के कानूनों को संसद से पारित कराने में सड़क की लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहीं.