


इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक युवा को रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करना तथा प्रत्येक परिवार को रक्तदान के प्रति जागरूक करना है. इसी महान लक्ष्य को लेकर इस वर्ष भी पांच दिवसीय रक्तदान महाअभियान आयोजित किया जा रहा है. बीके अमृता ने संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक मानव के भीतर प्रेम और करुणा की भावना होती है, आवश्यकता है उसे कर्म में लाकर सेवा का रूप देने की. उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर आयोजित करना कोई नई बात नहीं है और देशभर में कई संस्थाएं इस दिशा में कार्य कर रही हैं, लेकिन ब्रह्माकुमारीज ने रक्तदान को केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आध्यात्मिकता और मानव सेवा से भी जोड़ा है. रक्तदान की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बीके अमृता ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष लाखों यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है. सड़क दुर्घटनाओं, चिकित्सीय सर्जरी, प्रसूति तथा कई जटिल बीमारियों के उपचार के लिए सुरक्षित रक्त की आवश्यकता होती है. ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान न केवल जरूरतमंदों की सहायता करता है, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदना और विश्वास की भावना को भी मजबूत करता है. उन्होंने जिलेवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए लातेहार की युवा शक्ति, पुलिस बल तथा सेवा में कार्यरत जवान भाइयों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर सहयोगी और संवेदनशील समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं तथा विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान-2026 को सफल बनाएं.