लातेहार। समाजसेवी सह मजदूर नेता रवि कुमार डे ने कहा कि दो साल से बंद सिकनी कोलियरी को शीघ्र नहीं खोला गया तो यहां कार्य करने वाले मजूूदर आंदोलन करेगें और इसकी जिम्मेवारी जेएसएमडीसी व सरकार की होगी. श्री डे ने आगे कहा कि लातेहार एवं आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को रोजगार देने वाली सिकनी कोलियरी करीब दो वर्षों से बंद है. कोलियरी बंद रहने से लगभग 10 हजार लोग प्रभावित हैं. जबकि दो वर्षों में झारखंड सरकार को अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है. उन्होने कहा कि झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (जेएसएमडीसी) के अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोलियरी बंद है. उन्होने कहा कि अधिकारी बंद एसी कमरे में बैठे हैं और उन्हें प्रति माह वेतन भी मिल रहा है, इस कारण उन्हें कोलियरी बंद रहने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. जबकि इन दो वर्षों में सिकनी में कार्य करने वाले मजदूरों के अलावा ट्रक ऑनर तथा इसमें कार्य करने वाले चालक व उप चालकों के समक्ष भूखों मरने की स्थिति हो गयी है. कई ट्रक ऑनरों ने कर्ज ले कर ट्रक खरीदा था. आज उनका ट्रक घर के सामने खड़ा है और वे कर्ज तक नहीं चुका पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सितंबर माह से कोलियरी चालू कराने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. मजदूर संघ, सिकनी के अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने कहा कि दो वर्षों से मजदूर कोलियरी खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब और इंतजार संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि 30 अगस्त को कोलियरी परिसर में मजदूरों की विस्तृत बैठक की जायेगी और आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी.