बालूमाथ (लातेहार)। बालूमाथ प्रखंड के रिवाइज्ड चितरपुर कोल ब्लॉक प्राप्त करने वाली व चंदवा प्रखंड के बाना चकला में पावर प्लांट अधिग्रहण करने वाली कॉरपोरेट कंपनी उड़ीसा एलाय एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड (रश्मि ग्रुप) के विरुद्ध रैयत व विस्थापितों समेत ग्रामीणों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 22 व चकला के समीप स्थित कंपनी गेट को जाम कर दिया. कंपनी के कार्य प्रणाली के विरुद्ध रैयत व विस्थापितों समेत ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की. बड़ी संख्या में सरना झंडे को लेकर पहुंचे महिला व पुरुषों ने कंपनी पर धोखाधड़ी कर फर्जी मुकदमा दर्ज किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया. रैयत व विस्थापित समेत ग्रामीणों का आरोप है, कि 20 सितंबर को ओएएसपीएल कंपनी के द्वारा प्लांट परिसर से ग्रामसभा की अनुमति के बिना ड्रोन सर्वे कराने का प्रयास किया गया था. जिसका रैयत विस्थापित तथा ग्रामीणों के द्वारा जबरदस्त विरोध किया गया था. तब ओएएसपीएल प्रबंधन के द्वारा कंपनी के द्वारा ड्रोन सर्वे किए जाने से साफ इंकार किया गया था. इस संदर्भ में रैयत, विस्थापित व ग्रामीणों के द्वारा चकला पंचायत के मुखिया के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को पांच दिनों के अंदर जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी. रैयत, विस्थापित तथा ग्रामीणों का कहना है, कि ओएएसपीएल के द्वारा रैयत विस्थापित व ग्रामीणों के विरुद्ध फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है. जबकि वीडियो क्लिप में यह स्पष्ट है, कि प्लांट परिसर से ही ड्रोन सर्वे का कार्य किया गया था. रैयत, विस्थापित व ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन पर गुमराह करने व फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है. रैयत, विस्थापित व ग्रामीणों का कहना है, कि अभी कंपनी को जमीन अधिग्रहण करना है, तब कंपनी की इतनी तानाशाही है. भविष्य में कंपनी शोषण व उत्पीड़न की सारी पराकाष्ठा को पार कर देगी. इस संबंध में कंपनी का पक्ष जानने के लिए चितरपुर कोल ब्लॉक का ओएएसपीएल (रश्मि ग्रुप) के परियोजना प्रमुख आलोक कुमार से मोबाइल व व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया. उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा.