लातेहार। शहर के धर्मपुर पथ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी सेवानिवृत हो गये. उनकी सेवानिवृति के बाद विद्यालय परिसर में बुधवार को एक स्नेह मिलन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.
Advertisement
कार्यक्रम में पलामू विभाग निरीक्षक नीरज कुमार लाल, जिला संघ चालक अनिल कुमार ठाकुर, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन पांडेय, सचिव नरेंद्र कुमार पांडे, कोषाध्यक्ष ज्योति चौधरी, अभिभावक प्रतिनिधि मनीष कुमार, समिति सदस्य प्रमोद कुमार, पलामू पर्यावरण संरक्षक धर्मेंद्र जयसवाल ने सेवानिवृत प्रधानाचार्य श्री चौधरी का माल्यार्पण और पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया.
Advertisement
कार्यक्रम में कक्षा आठ के छात्र अंकित कुमार, प्रिया कुमारी, कक्षा नौ के अमर कुमार व शिप्रा सौरभ ने प्रधानाचार्य के कार्यकाल में शैक्षिक उन्नति, भौतिक संसाधन में हुए सुधार, घोष प्रदर्शन में सुधार एवं उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत बताया. आचार्य अभिषेक अनिल ने कहा कि उनकी पढ़ाई की शुरुआत इन्हीं प्रधानाचार्य के कार्यकाल में प्रारंभ हुआ एवं नौकरी व पेशा भी इन्हीं प्रधानाचार्य के कार्यकाल में इसी विद्यालय में हुआ.
Advertisement
शिल्पा ने कहा कि उन्होने इसी विद्यालय से पढ़ाई शुरू की एवं इन्हीं प्रधानाचार्य के कार्यकाल में आचार्या बनी. विद्यालय के आचार्य सुरेश ठाकुर, लाल बहादुर राम, ओमकार नाथ सहाय आदि ने कहा कि कहा कि प्रधानाचार्य ने सरस्वती विद्या मंदिर को लातेहार में जोड़ने का काम किया और वे सभी आचार्य इसी विद्यालय में कार्यरत हैं.
Advertisement
जिला संघ चालक अनिल कुमार ठाकुर ने कहा कि प्रांत के द्वारा भेजे गए पहले प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी और वे एक ही उम्र के हैं. हमने एक दूसरे के मान सम्मान का ध्यान रखा. 1995 में प्रधानाचार्य के रूप में पहली बार एवं वर्ष 2021 में दूसरी बार प्रधानाचार्य के रूप में सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार से जुड़े.
Advertisement
विद्यालय की आचार्या रेनू गुप्ता ने अपनी रचित कविता ” मेरे महोदय की आज है स्नेह मिलन ” के द्वारा अपनी भावनाओं को उजागर किया. विद्यालय प्रबंधकारणी समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन पांडेय व सचिव नरेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि प्रधानाचार्य अरुण कुमार चौधरी विद्या भारती के विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर से 37 वर्षों से जुड़े हैं. हमने भी प्रधानाचार्य से कुछ बातों को सीखा है मृदु भाषी होना जरूरी है परंतु कठोर भी बनना पड़ता है. मुख्य अतिथि अरुण कुमार चौधरी ने अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कुछ बातों को बताया. धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय प्रबंध कारणी समिति के कोषाध्यक्ष ज्योति चौधरी ने किया.