लातेहार। जिला कृषि कार्यालय के आत्मा सभागार में फसल सुरक्षा कार्यक्रम योजना को ले कर जिला स्तरीय पांच दिवसीय युवा कौशल संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 14 फरवरी को हुआ.
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प्रशिक्षण के अंतिम दिन सदर प्रखंड के जालिम गांव में क्षेत्र भ्रमण एवं ट्राईकोडर्मा के उत्पादन एवं उनके महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया. मौके पर मूल्याकंन एवं सर्टीफिकेट का वितरण सीआइपीएमसी के तकनीकि सहायक नीतिश कुमार सुमन, राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार विद्याधर सिंह मुंंडा एवं जिला परामर्शी बलबीर सिंह के द्वारा किया गया. पांच दिवसीय इस प्रशक्षिण में बताया गया कि फसल सुरक्षा कार्यक्रम फसलों के कीटों, खरपतवार व जीवाणु आदि से बचाने का कार्यक्रम है. पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत फसलों को सुरक्षित रखने के उपायों की चर्चा की गयी.
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प्रशिक्षण में ट्राईकोडर्मा की जानकारी दी गयी. बताया गया कि यह एक जैव-कीटनाशक रासायनिक है, जो सूत्र कृमियों के प्रबंधन के लिए उपयोगी है. ट्राइकोडर्मा एक फंगल बायोकंट्रोल एजेंट है. यह कई मिट्टी-जनित पौधों के रोगजनकों को दबाने में प्रभावी साबित हुआ है. यह फसल उत्पादन में एक सफल जैव कीटनाशक तथा जैव उर्वरक के रूप में कार्य करता है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभिन्न प्रखंंडों के स्वयं सहायत समूह के सदस्य, एफपीओ कृषक व उद्यान मित्र तथा प्रगतिशिल कृषक आदि मौजूद थे.