लातेहार। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने पलामू व गढ़वा के जंगलों से ला कर नीलगायों को महुआडांड़ के जंगलों में छोड़ने के वन विभाग के फैसले को वापस लेने की मांग की है. विधानसभा सत्र के शून्य काल के दौरान विधायक श्री सिंह ने विगत दिनों दो प्रमुख अखबारों में छपी समाचार का हवाला देते हुए सदन को बताया कि वन विभाग के द्वारा पलामू व गढ़वा के जंगलों से हजारों की संख्या में नीलगायों को ला कर उनके विधानसभा क्षेत्र के महुआडांड़ के जंगलों में छोड़ने का फैसला लिया है.
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वन विभाग के इस फैसले से महुआडांड़ के लोगों में काफी आक्रोश है. विधायक ने कहा कि महुआडांड़ पहले से ही पीटीआर क्षेत्र में आता है. यहां के लोगों के कृषि कार्य पर निर्भर हैं. अगर यहां नीलगायों को ला कर छोड़ा गया तो उनकी खेती मारी जायेगी. यहां के लोग पलायन को विवश होगें. विधायक ने तत्काल इस निर्णय रद्द करने का आदेश वन विभाग को देने का आग्रह सरकार से किया.
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केंद्रीय जनसंघर्ष समिति ने चार मार्च को विरोध प्रदर्शन करने का लिया है निर्णय
बता दें कि वन विभाग के इस निर्णय से महुआडांड़ एवं आसपास के क्षेत्रो के लोगों में खासा आक्रोश है. वन विभाग के इस फैसले के खिलाफ केंद्रीय जनसंघर्ष समिति ने आगामी चार मार्च को विरोध प्रदर्शन व रैली निकालने का निर्णय लिया है.
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सचिव जेरोम जेराल्ड कुजूर ने बताया यह जुलूस सुबह 10 बजे सक सरना भवन से शुरू होगी और अनुमंडल कार्यालय तक जायेगी. यहां मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीओ को सौंंपा जायेगा.
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उन्होने बताया कि पलामू और गढ़वा के जंगलों से नीलगायों को महुआडांड़ के जंगलों में छोड़ने से यहां का जन जीवन प्रभावित होगा. लोगों की खेती मारी जायेगी.