लातेहार। सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) के तहत “क्लीन एंड ग्रीन लातेहार” मिशन को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय परिसर से स्वच्छता रैली निकाली गई. उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, भारतीय हरित सेवा के परियोजना निदेशक, सलाहकार सी श्रीनिवासन, डिप्टी डायरेक्टर पीटीआर ब्रजेश कांत जेना, जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी, परियोजना निदेशक आईटीडीए प्रवीण कुमार गगराई, उप विकास आयुक्त सुरजीत कुमार सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्वच्छता रैली को रवाना किया गया.
Adertisement
इस दौरान उपायुक्त श्री गुप्ता ने कहा कि लातेहार को स्वच्छ और सुंदर बनाने में आप सभी जिलावासियों का सहयोग अपेक्षित है, ताकि जिले को मॉडल जिला बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम सभी को चाहिये कि हम अपने आस-पास के लोगो को साफ-सफाई हेतु प्रेरित करें. यदि हम ऐसा करते हैं तभी जाकर स्वच्छता को बल मिलेगा एवं सही मायने में क्लीन एंड ग्रीन लातेहार का स्लोगन चरितार्थ होगा.
Adertisement
ऐसे में आप सभी के सहयोग से आगामी 26 जनवरी 2026 तक लातेहार जिला को कचरा मुक्त बनाया जा सकता है. आगे उन्होंने कहा कि कुल 370 जलसहिया, सखी मंडल की दीदियों को कूड़े के प्रबंधन करने से संबंधित मास्टर ट्रेनर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रशिक्षण दिया गया है. अब एसएचजी दीदियां मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगी, अपने अपने पंचायतों में जाकर प्रशिक्षण देंगे.
Adertisement
लोगों को ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के बारे में जागरूक करेंगी, ताकि समाज के हर वर्ग को सफाई के प्रति सजग किया जा सके और स्वच्छता के महत्त्व को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके. गंदगी को दूर करके अपने देश की सेवा करना हम सभी का कर्तव्य है.उन्होंने कहा कि स्वच्छता की ओर बढ़ाया गया हर एक कदम भारत को स्वच्छ बनाने में सहायक सिद्ध होगा. लातेहार जिला में एसएलआरएम के तहत स्वच्छ भारत के साथ विकसित भारत के सपने को दिशा प्राप्त होगी, जिसमें हम सब स्वच्छता को अपनाकर अपना अहम योगदान सुनिश्चित कर सकते है.
Adertisement
पुलिस अधीक्षक श्री गौरव ने कहा कि लातेहार झारखंड का पहला जिला है जहां सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने परियोजना निदेशक, सलाहकार श्री श्रीनिवासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि कचरा प्रबंधन की अवधारणा के प्रति इनका दृष्टिकोण, वर्गीकरण और पुनरूउपयोग के मामले में क्रांतिकारी है. इसके द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से एसएलआरएम कार्यक्रम के तहत अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से लातेहार झारखंड का पहला स्वच्छ और हरित जिला बनने की दिशा में अग्रसर हो रहा है. ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को अपनाना आज की महती आवश्यकता है. उन्होंने लातेहार को हरित और स्वच्छ बनाने के लक्ष्य पर बल देते हुए कहा कि इस कार्य में सभी का सहयोग अपेक्षित है.इस दौरान जिलेवासियों से घरों से निकले कचरे को एकत्र कर गीला व सूखा कचरे को नियमित एसएलआरएम सेंटर की सफाई महिलाकर्मी को ही देने को अपील की गई.
समाहरणालय परिसर से जुबली चौक होते हुए अंबाकोठी में स्वच्छता रैली का समापन किया गया. स्वच्छता रैली के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का संदेश देकर जागरूक किया गया. इस दौरान एसएचजी की दीदियों के द्वारा भारतीय हरित सेवा के परियोजना निदेशक, सलाहकार श्री श्रीनिवासन को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट किया गया. मौके पर अपर समाहर्ता रामा रविदास, डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा श्रेयांश, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेंब्रम, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, नगर प्रशासक राजीव रंजन, समेत कई अधिकारी उपस्थित थें.