


लातेहार। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित ग्राम चंदनदीह के विस्थापित एवं भूमिहीन परिवारों ने पुनर्वास की मांग को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से सरकारी गैरमजरूआ भूमि पर रह रहे हैं और वर्ष 2011 में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उनके घरों को तोड़ दिया गया था, लेकिन आज तक स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई। मामले को संज्ञान में लेते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, सांसद प्रतिनिधि अमलेश सिंह तथा वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव ने उपायुक्त से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि चंदनडीह में प्रस्तावित नगर पंचायत कार्यालय निर्माण से प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बरसात का मौसम होने के कारण लोगों को तत्काल नहीं हटाया जाए तथा पहले उनके रहने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों के अनुसार करीब 300 परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुनर्वास के नाम पर वर्ष 2011 में नावाडीह में दो-दो डिसमिल जमीन का पर्चा दिया गया था, लेकिन संबंधित भूमि पर सरना स्थल, जीतिया जतरा मेला एवं अन्य विवाद होने के कारण आज तक वे वहां बस नहीं सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2011 के मास्टर प्लान के अनुरूप चन्दनडीह में ही पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी कारणवश यह संभव नहीं हो तो चन्दनडीह से सटे किनामाड़ क्षेत्र की सरकारी गैरमजरूआ भूमि पर पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। उपायुक्त ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि नगर पंचायत कार्यालय निर्माण से प्रभावित लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है।