
लातेहार। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष नक्सल व वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में निवास करने वाले गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत कई योजनायें संचालित की जाती हैं. इन योजनाओं के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम, मानव संसाधन विकास कार्यक्रम, मानव चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविर, आवश्यक सामग्री वितरण कार्यक्रम आदि के आयोजन हेतु राशि का प्रावधान किया जाता है.
इसी क्रम में 23 दिसंबर को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बारेसांढ़ में 10 दिवसीय कृषि (खेती-बाड़ी) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुभारंभ किया गया. इस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक मृत्यंजय कुमार सिंह,, प्रभात कुमार दास, थाना प्रभारी (बरेसाड़), सुभाष कुमार सिंह (मुखिया मायापुर) समेंत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 दिसंबर से एक जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा. इसमें गारू प्रखंड के रामसैली , डारकोंचा, जामुनताड़, मायापुर, पहाड़कोंचा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 50 ग्रामीणों एवं युवा किसानों द्वारा सहभागिता की जा रही है.
मौके पर कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर जन-कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. इनमें बौद्धिक विकास, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, उन्नत कृषि तकनीक, महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं के लिए कौशल विकास, मानव एवं पशु चिकित्सा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. इसके अलावा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नशा मुक्त भारत, भारत के वीर, एक भारत श्रेष्ट भारत, सुकन्या समृद्धि योजना, वृक्षारोपण अभियान जैसी सरकारी योजनाओं के प्रति भी जन-जागरूकता बढ़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. यह देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं टिकाऊ आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है. आज के समय में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है. इसी उदेश्य से इस प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया है. 



