Untitled-1 copy
latehar-tuiris
RPDD new
dps 1 b
carnival 1
alisha 4 6
lps
IMG-20260829-WA0019
झारखंडलातेहार

महाशिवरात्रि पर सजेगा 300 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मेला, आकर्षक झूले और दुकानें तैयार

लातेहार। शहर के बाजारटांड़ में प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि के  अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक मेला इस वर्ष भी पूरे भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा. करीब 300 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है.  मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और झूले, खेल-तमाशे व विभिन्न दुकानों को सजाया जा चुका है.

मेले के संवेदक गिरधारी पाठक व प्रदीप पाठक ने बताया कि इस वर्ष मेले में जलपरी, टोरो-टोरो, मौत का कुआं, ब्रेक डांस जैसे आकर्षक झूले और मनोरंजन के साधन उपलब्ध रहेंगे. उन्होंने लोगों से परिवार सहित मेला पहुंचकर आनंद लेने की अपील की. वहीं स्थानीय निवासी वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि बाजारटांड़ में यह मेला लगभग तीन सौ सालों से लगता आ रहा है. उन्‍होने बताया कि रतन साहू की इच्छा से यहां मंदिर निर्माण की पहल हुई थी. यह स्थल लातेहार मौजा, बानपुर मौजा और राजहर मौजा नों गांवों के मिलन बिंदु पर स्थित है. यहां शास्त्रीय विधि से भगवान शंकर की मूर्ति स्थापित की गई. मंदिर के समीप बहने वाली जयत्री नदी में श्रद्धालु स्नान कर पूजा-अर्चना करते थे. हालांकि अब नदी प्रदूषित और संर्कीण हो चुकी है.  बता दें कि लातेहार में महाशिवरात्रि के मौके पर लगने वाला यह मेला पशु मेला के रूप में जाना जाता था. यह मेला गाय-बैल की खरीद बिक्री के लिए प्रसिद्ध था. ग्रामीण यहां से सालभर का राशन और मसाले खरीदते थे. आज आधुनिक स्वरूप में आयोजित हो रहा यह मेला महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर को समर्पित होता है. मंदिर प्रांगण में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं.

Nihit

निहित कुमार, नगर संवाददाता, शुभम संवाद, लातेहार

Nihit

निहित कुमार, नगर संवाददाता, शुभम संवाद, लातेहार

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!