
लातेहार। दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह और पहली जनवरी को झारखंड की पहाड़ी नगरी नेतरहाट में एक अनुमान के मुताबिक 30 हजार सैलानी आये. बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि तो हुई, लेकिन कई दर्शनीय स्थलों पर कचरा और प्लास्टिक जमा हो गया. इसे देखते हुए छह जनवरी को लातेहार टूरिज्म (रजि) के आह्रन पर नेतरहाट होटल ऑनर एसोसिएशन एवं अन्य लोगों ने सामुहिक रूप से पर्यटन स्थलों की सफाई की.
लातेहार टूरिज्म के गोविंद पाठक ने कहा कि नेतरहाट वासियों ने यह साबित कर दिया कि पर्यटन केवल भीड़ और व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भी विषय है. नेतरहाट में चलाया स्वच्छता अभियान प्राकृतिक धरोहर को संजोने की सार्थक पहल साबित हुई. उन्होने बताया कि इस सफाई अभियान में झारखंड पुलिस के होम गार्ड जवान, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग, समाजसेवी और स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया और अपनी सामाजिक सरोकार का निवर्हन किया.
अभियान के दौरान सनराइज प्वाइंट, नेतरहाट डैम, कोयल व्यू प्वाइंट, अपर घाघरी जलप्रपात समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर जमा प्लास्टिक, बोतलें, पॉलिथीन और अपशिष्ट को हटाया गया. सफाई के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों को स्वच्छता एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया गया. इस कार्य में लातेहार पर्यटन विशेषज्ञ अभिजीत कुमार, समाजसेवी अजय प्रसाद, नेतरहाट होटल ओनर एसोसिएशन के सदस्य और होम गार्ड के जवान स्वयं मैदान में उतरकर सफाई कार्य में जुटे रहे. उन्होने कहा कि नेतरहाट की पहचान उसकी हरियाली, शांति और स्वच्छ वातावरण से है. यदि इन मूल तत्वों की रक्षा नहीं की गई, तो पर्यटन का भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है. स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने कहा कि स्वच्छ और व्यवस्थित पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव देते हैं, बल्कि क्षेत्र की प्रतिष्ठा और भरोसे को भी मजबूत करते हैं. 



