बालूमाथ (लातेहार)। स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द में 18 वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक वृहस्पतिवार को हुई. बैठक की अध्यक्षता निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र बिरसा कृषि विश्वविद्यालय काके रांची के डा.एस कर्मकार ने की. कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र, लातेहार के वैज्ञानिक पौधा संरक्षण गोपाल कृष्ण के स्वागत भाषण से हुआ. इसके पश्चात वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र लातेहार डॉ राजीव कुमार ने वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2026-27 की कार्य योजना प्रस्तुत की जिसे सदन द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया. बैठक में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान केभीके बोकारो के रंजय कुमार सिंह विशेष अतिथि एवं तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित थे. इसके अतिरिक्त डॉ आरती बी एक्का, वैज्ञानिक मधु लकड़ा, जेआर शरण डीडीएम नवार्ड, सीडीएम नरेंद्र श्रीवास्तव, मत्स्य एसडीओ नाजिम अंसारी, हरिकृष्ण प्रसाद दूध उत्पाद, शमीम अंसारी, संजय कुमार सभी कृषि संबंधित विभाग के पदाधिकारीयों ने भाग लिया. कार्यक्रम के शुरूआत करते हुए वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डा.राजीव कुमार कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए विगत वर्षो में किये गये कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम में वैज्ञानिक विनोद कुमार एवं अन्य वैज्ञानिको ने अपने-अपने विगत वर्षो में किये गये कार्यो का प्रतिवेदन एवं वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 में किये जाने वाले संबंधित कार्यो की विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र बिरसा कृषि विश्वविद्यालय कांके रांची के डा.एस.कर्मकार ने सरल शोध कार्य करने की सलाह दी. डा कर्मकार ने कहा कि किसानों के दरवाजे तक तकनीकों को पहुंचाने का कार्य कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक ही करते है, जो काफी अहम है. वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक् किसानों के हित को देखते हुए होनी चाहिए. कृषि विज्ञान केन्द्र तीन बिंदु पर कार्य करती है. पहला प्रशिक्षण, दूसरा प्रत्यक्षण एवं तीसरा सुसाधन को जुटाना. कार्यक्रम में वैज्ञानिक डा मधु लकड़ा ने कहा कि किसानों की चेहरे पर खुशी तब आ सकती है जब वो सब्जी की खेती पर ध्यान दें.मधु लकड़ा ने कहा कि झारखण्ड में एक तरह की जमीन नहीं है, इसको ध्यान में रखकर प्रत्यक्षण करें. उन्होने कहा कि जिस तरह से हमारे पूवजों ने हमें स्वास्थ्य मिट्टी दी थी हम भी कोशिश करें की आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ्य मिट्टी दें. कार्यक्रम में मृदा विज्ञान के डा विनोद कुमार ने कहा कि किसान की आमदनी दो तरह से बढ़ सकती है. पहला कम लागत हो और आमदनी ज्यादा हो इस पर ज्यादा ध्यान देकर वैज्ञानिक प्रत्यक्षण करें. डा विनोद ने कहा की अधिक आमदनी के लिए समुह में खेती करने से काफी लाभ हो सकती है. वैज्ञानिक मधु लकड़ा तथा डॉ आरती बिना एक्का ने कहा कि अभी के किसान मजबूरी में खेती करते हैं पर ये सोच को बदलना होगा और शौक के साथ खेती करनी होगी तभी आप आमदनी को दुगुना कर सकते हैं. कार्यक्रम को डीडीएम नाबाड नरेंद्र श्रीवास्तव, जेआर शरण, अग्रणी जिला प्रबंधक लातेहार, एनजीओ एसवी एस चंदवा, प्रिंस तिग्गा, किसान विनोद चौधरी, बीरबल उरांव सुरेश उरांव सहित केवीके मुनि लाल सिंह लक्ष्मी देवी शामिल थे.