लातेहार। सदर प्रखंड के ईचाक पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है . एक ओर जहां ग्रामीणों ने पंचायत समिति सदस्य पर सरकारी योजना की राशि का उपयोग निजी हित में करने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कुछ ग्रामीणों ने अलग आवेदन देकर दावा किया है कि उनसे धोखे से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए गए, जिनका संबंध उक्त शिकायत से था ही नहीं. ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त लातेहार को सौंपे गए पहले आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ईचाक पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से पंचायत समिति सदस्य के घर के समीप नाली निर्माण कराया जा रहा है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस निर्माण कार्य से मुख्य रूप से एक निजी परिसर को लाभ पहुंच रहा है, जबकि योजना का उद्देश्य आम लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी धन का उपयोग जनहित के बजाय निजी हित साधने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने संबंधित योजना की प्रशासनिक स्वीकृति, प्राक्कलन, कार्यस्थल तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता और आवश्यकता की जांच कराने की मांग की है.
आवेदन में कहा गया है कि यदि जांच में अनियमितता या सरकारी निधि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए. शिकायत करने वालों में हकीम अंसारी, मोहम्मद खुर्शीद अंसारी, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद अब्दुल मोबिन, नौशाद आलम, अब्बास अंसारी, तजमुल अंसारी, ताईबुल अंसारी सहित कई ग्रामीणों के नाम शामिल बताए गए हैं. मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब कुछ ग्रामीणों ने उपायुक्त को दूसरा आवेदन सौंपकर कहा कि उनसे धोखे से हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए थे. आवेदन में कहा गया है कि वे लोग किसी अन्य कार्य से लातेहार कचहरी पहुंचे थे, जहां गांव के ही एक व्यक्ति खुर्शीद अंसारी पिता इसरायल अंसारी ने उन्हें यह कहकर कागजों पर हस्ताक्षर करने को कहा कि दस्तावेज जमीन संबंधी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं और दस्तावेज की वास्तविक प्रकृति समझ नहीं सके. उन्हें जानकारी मिली कि जिन कागजातों पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे, वे 15वें वित्त आयोग की योजना से संबंधित शिकायत पत्र थे. आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उनका पंचायत समिति सदस्य रवि कौशल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने स्वयं कोई शिकायत की है.