लातेहार। खान एवं खनिज विकास और विनियम संशोधन बिल 2026 के विरोध में झामुमो जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शहादेव के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया. चंदवा प्रखंड मुख्यालय में आयोजित धरना को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने इस बिल को केद्र सरकार के द्वारा लाया गया एक काला कानून बताया. उन्होने इसे अविलंब वापस लेने की मांग की. आगे कहा कि झारखंड और झारखंड वासी इस कानून को कभी स्वीकार नहीं करेगें. श्री राम ने कानून को झारखंड के लिए अहितकारी बताया. कहा कि इस कानून के आने से खनिज संपदा से परिपूर्ण झारखंड राज्य खान व खनिजों पर कोई नियंत्रण नहीं रह पायेगा. मौके पर राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. केंद्र सरकार एक साजिश के तहत अपने पूंजिपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इस कानून को ले कर आ रही है. केंद्र सरकार झारखंड के रॉयल्टी का अरबों रूपया हजम कर चुकी है. झामुमो जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा कि एमएमडीआर विधेयक के विरोध में 19 मार्च को जिले के हर प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया जा रहा है. झारखंड के पूर्वज जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है. उनके सघर्ष और बलिदान को यूं ही नहीं बेकार जाने दिया जायेगा. लातेहार प्रखंड मुख्यालय में भी धरना का आयोजन किया गया. मौक पर जिला 20सूत्री उपाध्यक्ष अरुण दुबे, जिप सदस्य विनोद उरांव, प्रभात कुमार, शीतमोहन मुंडा, रंजीत उरांव, अंकित पाण्डेय, सुशील यादव, आर्सेन तिर्की, रिंकू कच्छप, मनोज चौधरी, मोहन गंझू, मो संफराज, रीना उरांव ,शीला देवी व बिलासी टोपनो आदि मौजूूद थीं.