लातेहार, 18 दिसंबर। समाहरणालय सभागार में डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर फैजक अहमद मुमताज एवं उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की उपस्थिति में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) से संबंधित प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में सीपीआर की पूरी जानकारी स्लाइड के माध्यम से दी गई. डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर श्री फैजक अहमद मुमताज ने सीपीआर विपरीत परिस्थितियों में हृदय गति रूक जाने के बाद जीवन रक्षा करने के संबंध में अपनाई जाने वाली तकनीक के बारे में बताया गया.
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उन्होंने बताया कि सीपीआर इमरजेंसी की हालत में इस्तेमाल की जाने वाली एक मेडिकल थैरेपी की तरह है. इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है. रिम्स के चिकित्सक डा. जसवंत ने सीपीआर तकनीक का डेमोस्ट्रेशन कर दिखाया. इस दौरान उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सीपीआर का पूरा नाम “कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन” (Cardiopulmonary resuscitation) है. इससे कार्डियक अरेस्ट और सांस न ले पाने जैसी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है.
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उन्होने कहा कि सीधे शब्दों में कहें तो कई बार किसी व्यक्ति की अचानक सांस रुक जाती है या फिर कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में किसी को सांस नहीं आती है तो सीपीआर दिया जाता है. एक तरह से सीपीआर में बेहोश व्यक्ति को सांसें दी जाती हैं. जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है. प्रशिक्षण सह कार्यशाला में आईटीडीए निदेशक प्रवीण कुमार गगराई, उप विकास आयुक्त सुरजीत कुमार सिंह, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ अखिलेश्वर सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार व जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार समेंत जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.