लातेहार। गुरूवार को शहर के बाइपास चौक के सोन भवन में अवस्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की शाखा में दादी रतन मोहनी का स्मृति दिवस मनाया गया. मौके पर बीके नवीन (अधिवक्ता) ने बताया कि दादी रतन मोहिनी ब्रह्माकुमारीज़ की प्रशासनिक व आध्यात्मिक प्रमुख थी. उन्होने पिछले सात अप्रैल को 101 वर्ष की आयु में इस भौतिक देह को त्याग कर ब्रह्म में लीन हो गयी.
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उनका जन्म हैदराबाद सिंध ( अब पाकिस्तान) में एक प्रसिद्ध और धार्मिक परिवार में 25 मार्च 1925 को हुआ था. वह मात्र 13 वर्ष की आयु में ही ब्रह्म्मकुमारीज के संपर्क में आयी थी. बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर था. जिसके कारण उन्होंने अपना जीवन आध्यात्मिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया. शुरू से ही उनका दिमाग बौद्धिक था और संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा ने उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान का गहन अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया. दादी रतनमोहिनी के निधन विश्व भर में फैले सेवा केंद्रों और साधकों में शोक की लहर है.
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बीके नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि आप आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर थीं. आप सदैव प्रकाश, ज्ञान और करुणा के रूप में याद की जाएंगी. आपकी जीवन यात्रा सादगी और सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता में निहित रही. आपकी विनम्रता, धैर्य, विचारों की स्पष्टता और दयालुता सदा याद रही. दुख की इस मैं ब्रह्माकुमारीज़ के साथ हूं. मौके पर ब्रह्मकुमारी संस्था के बीके आशीष, नवीन, विनोद, अनिल, सुनीता, ज्योति, संध्या, कंचन, गुलाब, अवधेश, बनारसी, पूनम, ममता समेंत कई ब्रह्मकुमारी भाई व बहन मौजूद थे. सबों ने दादी रतन मोहनी को अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित किया.