लातेहार। रविवार को आदिवासी बासाओड़ा में सरना समिति की एक बैठक अध्यक्ष पहलू उरांव की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में आगामी एक अप्रैल को आहुत सरहुल पर्व की तैयारियों की समीक्षा की गयी. सरहुल पूजा को भव्य तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया. पूरे शहर मे सरना झंडा लगाने का निर्णय लिया गया. इसके लिए शुरूआत भी कर दी गयी.
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सरहुल पूजा पर एक अप्रैल को 11 बजे से पूजा अर्चना की जायेगी. एक बजे मंचीय कार्यक्रम किया जायेगा और तीन बजे से विशाल शोभा निकाली जायेगी. शोभा यात्रा (खोड़हा) सात मिनट के लिए धर्मपुर मोड, अमवाटीकर मोड़, जुबली चौक, अंबाकोठी व थाना मोड़ में रूकेगी. अतिथियों के स्वागत के लिए गौरीखाड़ को मुख्य व चंदनडीह को सहयोगी टीम के रूप में चयनित किया गया है. अध्यक्ष पहलू उरांव ने कहा कि सरहुल का पर्व प्रकृति और समाज के सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है, जिसे झारखंड सहित कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है.
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जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने सभी अखाड़ा व सांस्कृतिक समितियों को सरहुल पूजा मे भाग लेने की अपील की. मुखिया प्रवेश उरांव ने कहा कि सरहुल प्रकृति उत्सव है. आदिवासी प्रकृति पूजक व रक्षक हैं. बैठक में राजेश भगत, प्रभात उरांव, सरोज लोहार, इंद्रदेव उरांव, रमेश उरांव, शुक्कू उरांव, सुदेश्वर उरांव, नागेश्वर भगत, किशोर कुमार उरांव, मोती उरांव आदि उपस्थित थे.