झारखंड
दुर्गा मंडल रोल, महुआमिलान ने किया क्षेत्र में पहली बार रावण दहन का आयोजन


इसके पूर्व विजयदशमी के सुबह में लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार सपत्निक पूजा पंडाल पहुंचे और पारंपरिक तरीके से पूजा की. समिति के सदस्यों ने चुनरी पहना कर उनका सम्मान किया. उपायुक्त ने सुदूर क्षेत्र में हो रहे पारंपरिक तरीके से इस आयोजन की प्रशंसा की. विजयदशमी के दिन पर जतरा मेला भी लगा जिसमें अगल-बगल के इलाके से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. विजयदशमी के दिन मेले में भारी भीड़ उमड़ी थी. 19 वर्षों से हो रही पूजा में यह अब तक की रिकॉर्ड भीड़ थी. पूजा समिति के सदस्यों, वॉलिंटियर्स और पुलिस प्रशासन के सहयोग से कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई. विजयदशमी के दूसरे दिन मां को नम आंखों से विदाई दी गई और विसर्जन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ. पूरे पूजा, जतरा मेला और रावण दहन को सफल बनाने में आलोक साहु, सतपाल घटवार, सूर्यनाथ सिंह, हेमंत चावड़ा, आशीष सिंह, कोलेशर यादव, अजीत शहदेव, मनोज यादव, लखन प्रजापति,जय प्रकाश घटवार,आलोक कुमार,बल्कु मुंडा,दिलीप साव,पवन प्रजापति, शंभू यादव, रवींद्र गोप, पिंटू प्रजापति, राहुल शाह देव, दीपक शाहदेव, सुरेन्द्र यादव विशुन रजवार,रामचंद्र घटवार,गणेश प्रजापति, विनोद प्रजापति, सत्यम शाहदेव, रतन देव भगत, शंकर मुंडा, बैजू मुंडा, पिंटू प्रजापति, राजेश यादव,केश्वर यादव, रविन्द्र यादव, अमृत प्रजापति, आकाश गुप्ता, उपेंद्र यादव , आदि का योगदान रहा. समिति के अध्यक्ष प्रतुल शाहदेव ने जिला प्रशासन और जिला पुलिस का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने पूरे पूजा के दौरान भरपूर सहयोग किया. मां के दर्शन के लिए अलग अलग दिनों में लातेहार जिला के उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, आरक्षी उपाधीक्षक, प्रखंड विकास अधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी समेत अनेक अधिकारी भी पहुंचे थे.