


उन्होने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए वीबी-जी-रामजी अधिनियम के माध्यम से मनरेगा की वैधानिक गारंटी को कमजोर करने की साजिश की जा रही है. इससे ग्रामीण रोजगार, मजदूरी भुगतान और पंचायती राज व्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा.डॉ. शाहदेव ने बताया कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी कदम के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी. अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि 11 जनवरी 2026 को एकदिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलेगा. 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद 31 जनवरी से छह फरवरी तक जिला स्तरीय ‘मनरेगा बचाओ धरना’ आयोजित होगा.
सात फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव तथा 16 फरवरी से 25 फरवरी तक क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियों का आयोजन किया जाएगा. जिला कांग्रेस अध्यक्ष कामेश्वर यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी कानून के खिलाफ गांव से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी. विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक योजना की नहीं, बल्कि गरीबों के काम के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल कराने के लिए पूरी ताकत से आंदोलन करेगी.